Friday, February 7, 2020

Bulati Hai Magar Jane Ka Nai | Lyrics In HIndi | बुलाती है मगर जाने का नई


बुलाती है मगर जाने का नई

    बुलती है मागर ..................... जाने का नई

    बुलती है मगररररररररर........   जाने का नई

    बुलती है ...... बुलती है ............।

    मगर ………………… जाने का नई

    बुलती है ........... मगर ....................

    ................ जाने का नई

    ये दुनिया है ....... ये दुनीया है ......।

    इधर जाने का नई


    ये दुनिया है ....... ये दुनीया है ......।

    इधर जाने का नई

    मेरे बेटे ......... मेरे बेटे .........
    इश्क कर ।।


    मेरे बेटे ………
    इश्क कर ......

    मागर हद से गूजर जाने का नई ।।

    ख़ुशाद जुरफ़ होना चाहिये  ........

    खुषद जुरफ होना चाहिये

    छलक जाने का नई

    मगर मार जाने का नई....।

    सितारे नोच कर ले जाऊंगा ........ 

शायरी - डॉ. राहत इंदोरी 

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